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लखनऊ: चीनी की कालाबाजारी पर योगी सरकार सख्त, जिलों में छापेमारी तेज

 व्यूरो 

चीनी की कालाबाजारी पर योगी सरकार सख्त, जिलों में छापेमारी तेज

लखनऊ। प्रदेश में चीनी की बढ़ती कीमतों और जमाखोरी की शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अधिकारियों के साथ हाईलेवल बैठक की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है और लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अफवाह फैलाने, जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश की चीनी मिलों में करीब 179.38 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक उपलब्ध है। प्रदेश में हर महीने करीब 4 लाख टन चीनी की खपत होती है। उन्होंने निर्देश दिए कि डीलर 30 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे, जबकि हर महीने 10 हजार किलो या उससे अधिक चीनी की खपत करने वाले बड़े दुकानदार 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख पाएंगे। एक समय में डीलर 400 टन से अधिक चीनी भी नहीं रख सकेंगे।

सीएम ने सभी जिलाधिकारियों को चीनी मिलों, व्यापारियों और दुकानदारों के गोदामों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन शुरू कराने की भी बात कही गई है। जून-जुलाई में चीनी मिलों द्वारा करीब 235 लाख क्विंटल चीनी की बिक्री की गई है।

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद कई जिलों में प्रशासनिक टीमें मैदान में उतर गईं। बागपत में एसडीएम दिग्विजय सिंह और सीओ सुकन्या शर्मा ने चीनी गोदाम पर छापा मारकर स्टॉक की जांच की। संभल के रजपुरा में नायब तहसीलदार अनुज कुमार और मार्केटिंग इंस्पेक्टर स्वतंत्र कुमार की टीम ने तीन फर्मों की जांच की। अधिकारियों ने बताया कि चीनी की उपलब्धता और स्टॉक की जांच का अभियान लगातार जारी रहेगा।

मुजफ्फरनगर में खाद्य एवं पूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने नवीन मंडी स्थित चीनी व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। टीम ने दुकानों और गोदामों में मौजूद चीनी के स्टॉक का मिलान किया और खरीद-बिक्री तथा भंडारण से संबंधित दस्तावेजों की जांच की।

बुलंदशहर में एसडीएम सदर अंगद यादव के नेतृत्व में थोक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर जांच की गई। अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में ज्यादातर स्थानों पर स्टॉक रिकॉर्ड के अनुसार मिला है और जांच जारी है।

बरेली में डीएम अविनाश सिंह ने अधिकारियों और चीनी स्टॉकिस्टों के साथ बैठक कर जिले में उपलब्ध स्टॉक की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले में चीनी की कोई कमी नहीं है। शासन के निर्देशों के अनुसार निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। त्योहारों के दौरान ओवररेटिंग और मुनाफाखोरी पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

नोएडा में भी तहसील और क्षेत्रवार टीमें गठित कर लगातार जांच के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद यदि कोई व्यापारी जमाखोरी या मुनाफाखोरी करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश में उपलब्ध चीनी में सहकारी मिलों के पास 23.60 लाख क्विंटल, निगम की मिलों के पास 5.28 लाख क्विंटल और निजी मिलों के पास 150.50 लाख क्विंटल स्टॉक बताया गया है। सरकार के अनुसार पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। वहीं 2026-27 में करीब 28.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती और लगभग 90 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है।

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