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बैंक हड़ताल से इटावा में कामकाज प्रभावित, 200 से अधिक बैंककर्मियों ने किया प्रदर्शनPLI और पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग, 28 सितंबर से तीन दिवसीय हड़ताल की चेतावनी
इटावा, 11 सितंबर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को इटावा जिले में राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहे। बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने के साथ ही कर्मचारियों ने एसबीआई की मुख्य शाखा, शास्त्री चौराहा के सामने धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन में जिले के 12 राष्ट्रीयकृत बैंकों के 200 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। धरने की अध्यक्षता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मनोज सक्सेना ने की, जबकि संचालन सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल सेक्रेटरी जयदीप सिंह ने किया।यूएफबीयू इटावा के जिला समन्वयक एवं यूपी बैंक एम्प्लाइज यूनियन के जिला मंत्री राजीव सिंह ने कहा कि बैंकों के मुनाफे में कर्मचारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) के मामले में कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने सरकार और बैंक प्रबंधन से कर्मचारियों के हित में न्यायसंगत व्यवस्था लागू करने की मांग की।
यूनियन के संयुक्त मंत्री श्रषांक शर्मा ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू न किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी सप्ताह में पांच दिन काम करने के बदले प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने को तैयार हैं। इसके बावजूद मांग पर निर्णय नहीं होने के कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।पीएनबी के सहायक महामंत्री मुकेश पाल, सेंट्रल बैंक ऑफिसर एसोसिएशन के रीजनल सेक्रेटरी सिद्धार्थ वर्मा, एसबीआई के मनोज भदौरिया और यूनियन बैंक के अश्वनी मिश्रा ने भी प्रदर्शन को संबोधित किया। वक्ताओं ने पीएलआई की विसंगतियों को दूर करने और पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई।
पूर्व जिला मंत्री मंशाराम और एसबीआई के पूर्व जिला मंत्री ए.के. सोरावल ने कर्मचारियों में उत्साह भरते हुए नारेबाजी कराई। बैंक यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने दोनों मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 28 सितंबर से तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल की जाएगी।धरना-प्रदर्शन में रोहित, गौरव, नरेंद्र, विशाल, विमलेश, राजा रिपुदमन, सत्यवान, अनिर्बन, धर्मेंद्र, सौम्य श्रीवास्तव, पवन, पुष्पेंद्र, राहुल, राजन, दीपांशु, अश्विनी, विवेक, दीपक, प्रियंक, गोपाल, मयंक, पंकज, अशोक, आशुतोष, शांतनु, अमरचंद, अमित, शिवम, संजीव, स्पर्श, अरविंद, लवेश, आशीष, विशाल यादव, रविंद्र, मुकुल, हिमांशु, दीपचंद, अनिल, दिनेश, सौम्या, श्वेता, विमल, सुमन, सौरभ, अतुल, अंकित, नवीन, अजय, ब्रजराज, उमेश चंद्र, अंकुर मिश्रा, रमन, भानु प्रताप, विक्रम, भूपेंद्र, निशांत, रजनीश, बृजेश, ज्योति, सैफी खान, पुलकित, प्रशांत और दिलीप सहित बड़ी संख्या में बैंककर्मी मौजूद रहे।



