M.S VERMA
जसवंतनगर के ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट गहराया, 8 से 10 घंटे ही मिल रही सप्लाईजसवंतनगर। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमराई हुई है। बलरईं, जूगोरा, सिरसा बीबा मऊ, फतेहपुरा, धनुआ, जसवंतनगर ग्रामीण और कटेखेड़ा समेत करीब नौ फीडरों से जुड़े गांवों में पिछले कई दिनों से लगातार बिजली कटौती की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें मुश्किल से 8 से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि फीडरों पर करीब आठ घंटे की रोस्टिंग की जा रही है। इसके अलावा दो से तीन घंटे शटडाउन, फॉल्ट और मेंटेनेंस के नाम पर बिजली बंद रहती है। वहीं, पनकी कोड आने पर दो से तीन घंटे की अतिरिक्त कटौती होने से समस्या और बढ़ जाती है।
लगातार बिजली कटौती से ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। सबसे अधिक परेशानी रात के समय हो रही है। क्षेत्र के कई गांव बीहड़ इलाके से जुड़े हैं, जहां तेंदुए और अन्य जंगली जानवरों के आने की आशंका बनी रहती है। कुछ गांवों में चोरी की अफवाहों के बीच रात में बिजली न होने से ग्रामीणों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
वहीं, विभाग के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अधिक बिजली बचत दिखाने वाले कर्मचारियों को इनाम देने की बात कही गई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इसे लेकर ग्रामीणों में बिजली कटौती को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
इस संबंध में एसडीओ राजेश कुमार ने बताया कि स्थानीय स्तर से जितनी देर बिजली कटौती के आदेश मिलते हैं, उतनी देर कटौती करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि पनकी कोड आने पर होने वाली कटौती को स्थानीय स्तर पर रोका नहीं जा सकता।
